अर्थव्यवस्था बनाम सुरक्षा..........

केन्द्रीय केबिनेट ने रोजगार की संभावनाए सर्जित करने के उद्धेश्य से मॉडल शॉप और एस्टेब्लिशमेंट बिल 2016 को मंजूरी दी हैं| इसके तहत शॉपिंग मॉल,सिनेमा हॉल आदि 24 घंटे खुले रह सकेंगे| भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार प्रक्रिया के तहत इस बिल को अहम माना गया हैं| सरकार के इस महत्वपूर्ण बिल का स्वागत हैं| सबसे बड़ा सवाल यह हैं कि कहीं इस नई व्यवस्था से देश की कानून-व्यवस्था को तो खतरा नहीं हो जाएगा यद्यपि देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाकर रोजगार सृजन करने की मांग उचित थी तथापि देश में रात्रिकालीन अपराधों में बढ़ोतरी को कैसे रोका जा सकेगा| सुरक्षा का जिम्मा राज्य सरकार का हैं जो जमीनी स्तर पर इसका किर्यान्वयन करती हैं| राज्य सरकारों की राय को भी इस बिल के लिए अहम माना गया हैं| दूसरी बात यह हैं की संस्कृति यह कहती हैं की आप दिन में काम करो और रात में सो जाओं| ऐसे में सवाल यह भी हैं कि आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के नाम पर इस सांस्कृतिक सोच को ठेस पहुंचाना कहाँ तक उचित हैं? इस मुल्क की भारी-भरकम जनसख्याँ में महिलाओं का हिस्सा भी अधिक मात्रा में हैं,जो इस देश में सुरक्षा के लिहाज से काफी चिंतित हैं, ऐसे में सरकार को देश की सुरक्षा को सख्त बनाकर इस बिल को बढ़ावा दे तो काफी हद तक यह लाभकारी होगा | केबिनेट के इस फैसले ने तमाम आर्थिक विश्लेषकों के   सामने इस बिल पर बहस को छेड़ दिया हैं जो सुरक्षाविदों की दृष्टि से चिंतनीय हैं|
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-    - शौकत अली खान

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