A Letter to Corona Warriors

प्रिय/आदरणीय कोरोना वॉरियर्स !

आशा हैं तुम जहां भी हो बड़ी उम्मीदों,समपर्ण और राष्ट्रीयता के भाव से परिपूर्ण होंगे और आप अपनी दुनिया में व्यस्त होंगे कि इस राष्ट्र की बुलन्दी फिर से खास हो जाए.

दुनिया के अनेक देश कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं जिसमें अधिकतर देश अपने हौसलें से डगमगा रहे हैं और मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा हैं,वहीं भारत मजबूत आत्मनिर्भरता के बूते कामयाबी की कहानी लिखने में व्यस्त हैं.और आप सब इस देश को धैर्य की थपकी लगा कर सांत्वना दे रहे हो.

प्रिय वॉरियर्स !आप इस कहानी के असल किरदार हो,आपके बिना इस जंग में जीत हासिल करना मुश्किल ही नही नामुमकिन हैं;यह सारा देश जानता हैं. मेने आपको आज इसलिए याद करना मुनासिब समझा कि देश के भीतर कुछ छूट- पुट घटनाओं ने आपके सम्मान को ठेस पहुंचाई हैं,जो निंदनीय हैं.उनकी सजा भी उन्हें नही बख्श सकेगी.

कोरोना वॉरियर्स की फेहरिस्त में अव्वल नाम डॉक्टर्स/नर्सेस/स्वास्थ्यकर्मियों का हैं जिनको रब/ईश्वर की प्रतिमूर्ति की संज्ञा दी जाए तो भी कम ही हैं,देश मे संक्रमित लोगो की संख्या बढ़ रही हैं वहाँ आप अपने घरों से दूर रहकर जान की बाजी लगाकर लोगो के जीवन बचाने का नेक काम कर रहे हैं.आप सर्विस नही जिंदगी का अव्वल नाम पेश कर रहे हो,जहाँ लोग घरों में कैद हैं वहा आप हॉस्पिटल को अपना घर समझकर दिन-रात सेवाएं दे रहे हो,वाकई अतुलनीय हैं.

 पुलिस व अन्य सुरक्षाकर्मी भी इस श्रेणी में शामिल हैं,आपकी सेवाए ही आपका सबसे बड़ा फर्ज बन जाता हैं; प्रिय वॉरियर्स तुम रात-दिन इस तपतिश मे पहरेदार होकर लोगों को घरों से बाहर जाने से रोक रहे हो,इसका मतलब 'हम तुम्हारें लिए बाहर हैं तुम अंदर रहो' वाली उक्ति की सार्थकता को फलीभूत कर रहे हो. जिंदगी की असल क़ीमत तब समझ में आती हैं जब लोगो का जीवन बचाना किसी का धर्म बन जाए. सड़को पर,बाजारों पर,अस्पताल के बाहर,रात्रि गश्त,चैक-पोस्ट पे निगरानी यह सारा सिलसिला आपके जाबाज कर्तव्यपरायणता की पराकाष्ठा का औझल परिणाम हैं.प्रिय प्रशासकों !आपका हर निर्णय मौतों के आंकड़ों को बढ़ने से रोक रहा हैं,तुम सरकार व आमजन के मध्य की अहम कड़ी हो.

अन्यों में मिडियाबन्धु,शिक्षक,सफाईकर्मी,तथा अन्य सभी जो अपना हरेक योगदान लोगो के जीवन बचाने में दे रहे हैं;आप इस वक्त असल सर्विसमेन हो,आप अपना ख्याल रखियेगा क्योंकि आपकी जिंदगी की इस देश में अहमियत रखती हैं.

प्रिय वॉरियर्स ! जो घरों से दूर किसी परायेपन के हिस्से की सेवा कर रहे हैं ; उनको मेरा यही कहना हैं कि इस राष्ट्र का जिंदा रहना ही अपनापन हैं चाहे वो कश्मीर के पहाड़ों में रह रहा हो या फ़िर केरल,कर्नाटक की जंगलो में.आपकी निःस्वार्थ सेवा भावना आपको अपनेपन का खूबसूरत एहसास करवाएगी.

हमें हरहाल में इस महामारी से निजात पाकर पुनःस्वस्थ भारत की हवा में अपने सपनों का आशियाना बनाना हैं.आज हम सब घरों में कैद हैं, नही चाहते कि हमारी छोटी से ग़लती बड़ी आफ़त बन जाए, हम ओर ठहर जाएंगे,लेकिन आपके साथ हैं.

तुम्हारे माध्यम से लोगों के लिए भी यही कहना हैं कि अर्थव्यवस्था का घटना, राजनीति लोलुप, औऱ स्वार्थपन तो जिंदगी रही तो फिर मिल जाएगा लेकिन अभी जिंदा रहना जरूरी हो गया हैं इसलिए..

कोरोना वॉरियर्स को अपने परिवार का हिस्सा समझिए.
कुछ दिनों के लिए घरों में ठहरिए.

ओ! वॉरियर्स
तुम क्या चाहते हो
मेरी श्वास या मेरा रक्त
मेरा ह्रदय या सारा शरीर !

©️ Shoukat Ali Khan

#IndiaFightCorona #StayAtHome #कोरोनावारियर्स

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